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‘पापी’ थानेदार मोबाइल स्विच ऑफ कर फरार, SP ने गिरफ्तार करने का दिया आदेश, बोले- नहीं मिला तो कुर्की जब्ती होगी

MOTIHARI : मोतिहारी के कुंडवा चैनपुर में दोहराई गई ‘हाथरस कांड’ की घटना पर एसपी के कड़ा एक्शन लिया है. एसपी नवीन चन्द्र झा ने आरोपी थानेदार संजीव रंजन को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है. एसपी ने बताया कि पुलिस टीम का गठन कर पूर्व थानेदार की गिरफ्तारी के लिये छापेमारी जारी है. उनका सेलफोन स्वीच ऑफ है. गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में कुर्की जब्ती की जाएगी.

आपको बता दें कि कुंडवाचैनपुर थाने से कुछ दूरी पर 21 जनवरी को नेपाली गार्ड की नाबालिग बेटी की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी. रात में ही आरोपित लोगों ने मिलकर शव को जला दिया था. मारपीट कर आरोपितों ने बच्ची के परिजनों को नेपाल भगा दिया. 30 जनवरी को बच्ची के परिजन नेपाल से लौटकर आए और 2 फरवरी को नेपाली रात्रि प्रहरी सिकरहना डीएसपी के पास गया और आवेदन दिया. उसके आवेदन पर नाबालिग के साथ गैंग रेप के बाद हत्या कर शव को जलाने की एफआईआर दर्ज की गयी.

इस मामले में सिकरहना डीएसपी शिवेन्द्र कुमार अनुभवी की जांच रिपोर्ट में पूर्व थानेदार संजीव रंजन को साक्ष्य छिपाने में दोषी पाया गया है. एसपी ने बताया कि बच्ची के पिता ने जो एफआईआर दर्ज कराई है, उस कांड में पूर्व थानेदार संजीव रंजन को अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है. सिकरहना डीएसपी को पर्येक्षण और साक्ष्य छिपाने में पूर्व थानेदार संजीव रंजन की भूमिका की जांच की जिम्मेवारी सौंपी गई थी. दोनों रिपोर्ट सौंप दी गई है. एसपी ने अपने पर्यवेक्षण रिपोर्ट में भी केस को सही पाया है. सभी आरोपितों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है. बच्ची के पिता, मां और दो भाइयों को नेपाल से बुलाकर एसपी ने पूछताछ की है. पूछताछ में परिजनों ने एफआईआर का समर्थन किया है.

आपको बता दें कि घटनास्थल से मात्र छह सौ मीटर की दूरी पर कुंडवाचैनपुर थाना है. जानकारी रहने के बावजूद पूर्व थानेदार संजीव रंजन जानबूझकर घटनास्थल पर नहीं गये और साक्ष्य को मिटाने में भूमिका निभायी है. एसएचओ को इस जघन्य कांड में केस कराना था या खुद के बयान पर केस करना था लेकिन ऐसा नहीं किया. थाने का चौकीदार योगेन्द्र और वाहन चालक मुन्ना घटनास्थल पर गया था.

घटना मोतिहारी जिले के कुंडवा चैनपुर थाना इलाके की है, जहां 4 लोगों ने 12 साल की एक मासूम बच्ची के साथ गैंगरेप कर उसे मौत के घाट उतार दिया. बताया जा रहा है कि पीड़िता नेपाल की रहने वाली है, जिसके पिता बाजार में घूम-घूमकर चाय बेचते हैं और रात में पहरेदारी (गश्ती) कर परिवार का पेट चलाने के लिए कुछ पैस कमाते हैं. डीएसपी को दिए गए आवेदन के मुताबिक जिस घर में मृतका और उसका परिवार रहता था, उसी के मकान मालिक और कुछ दबंग लोगों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया. मामला 21 जनवरी का है, जब मृतका की मां नेपाल गई हुई थी और उसके पिता चाय बेचने गए थे. घटना के समय मृतका का भाई भी घर से बाहर गया हुआ था. जब वह घर लौट रहा था तब उसे रास्ते में ही मकान मालिक सियराम (52) ने उसे रोकने की कोशिश की. लेकिन इसके बावजूद भी लड़का जब अपने घर पहुंचा तो उसने देखा कि जमीन पर उसकी बहन लहूलुहान पड़ी हुई है. वह रोते-बिलखते अपने पिता के पास पहुंचा. आनन-फानन में उसके पिता अपनी बेटी को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे लेकिन तब तक मासूम बच्ची ने दम तोड़ दिया.बच्ची की मौत के बाद लक्ष्मी साह का बेटा जयप्रकाश साह (40) ने कहा कि बच्ची की डेड बॉडी को जला दो. उसने 45 लोगों के साथ मिलकर धमकी दी कि बच्ची के शव को जला दो वरना तुम्हें और तुम्हारे बेटे को भी जान से मारकर दोनों की लाश को नेपाल इलाके में फेंक देंगे.

जयप्रकाश की धमकी के बाद हरकिशोर, दीपक, मिलन, विजयम अजय, रमेश और सुनील ने मिलकर बच्ची की लाश को जलाने की जिद की और धमकी दी कि किसी को बताना नहीं कि तुम्हारी बेटी की किस तरीके से हत्या की गई है. इस दौरान एक अन्य शख्स अवनीश कुमार (25) ने सादे कागज पर मृतक बच्ची के पिता के अंगूठे का निशान ले लिया और धमका कर कहा कि वह कुंडवा चैनपुर थाना का स्टाफ है. इसके बाद इन सभी ने मिलकर 12 बजे आधी रात को परसा रोड में पोखर और पुलिया के समीप जला दिया और फिर वहां लाश पर नमक और चीनी डाल दिया, जिससे साबुत मिट जाये.

मृतका की लाश को जलाने के बाद इनलोगों ने बाप-बेटे को किराये के मकान से निकाल दिया और फिर कहा कि इंडिया में वापस आओगे तो तुमलोगों की हत्या कर दी जाएगी. फिर जैसे-तैसे हिम्मत जुटाकर पीड़ित परिवार ने ढाका डीएसपी को इस घटना की जानकारी दी. इस बीच मोतिहारी एसपी नवीन चन्द्र झा को कुंडवा चैनपुर के थानेदार संजीव कुमार की एक रिकार्डिंग हाथ लगी, जिसमें वह दरिंदों से बात करता हुआ सुनाई दे रहा है. लड़की की हत्या के बाद उसकी डेड बॉडी को जलाने और साबुत को नष्ट करने की पूरी साजिश इसी थानेदार संजीव कुमार ने फोन पर रची. मामले का खुलासा होते ही पूरे पुलिस डिपार्टमेंट का सिर शर्म से झुक गया.

मोतिहारी एसपी ने कड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी थानेदार संसजीव कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया था और अब उन्होंने आरोपी थानेदार संजीव रंजन को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है.