प्लीज लेलो ना, गिड़गिड़ाती रही लड़की लेकिन किसी ने नही सुनी फरियाद
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प्लीज लेलो ना, गिड़गिड़ाती रही लड़की लेकिन किसी ने नही सुनी फरियाद

लोग वक़्त को अहमियत नही देते hu लेकिन वक़्त की अहमियत तब पता लगती है जब 5 Minut विलम्ब होने पर साल भर की मेहनत पर पानी फिर जाता है । और फिर मानो ऐसा लगता है कि काश हमारे पास पंख होते तो इस भीड़, जाम, राहों के खड्डे, गाड़ी में आई खराबी इन सब को किनारे करके हम उड़कर वँहा पहुँच जाते ।

ऐसा ही कुछ हुआ राजस्थान के REET एग्जाम में जंहा न जाने कंहा कंहा से विद्यार्थि एग्जाम देने आए हुए थे । कुछ वक्त से पहले आये उन्हें तो एंट्री मिल गयी लेकिन किसी वजह या घड़ी को अहमियत न देने की वजह से कुछ परीक्षार्थी बस चंद मिनट लेट हुए और उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया । 5 मिनट ऊपर होते ही एग्जाम सेंटर का दरवाजा बंद कर दिया गया ।

फिर जो दरवाज़े के इस पार था वो इधर ही रहा और जो उस पर था वो उस पार ही रह गया । एक एग्जाम सेंटर पर सुना जा रहा था दरवाज़े पर घड़ी का इंतज़ाम नही किया गया था जिसकी वजह से 2 लडकिया और चंद लड़के बाहार रह गए । जिसकी वजह से उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया ।

एग्जाम सेंटर में एंट्री न दिये जाने पर लड़कियों ने रोना शुरू कर दिया काफी मिन्नतें करती रही लेकिन वँहा खड़े ज़िम्मेदार अधिकारियों का दिल नही पसीजा लड़कियों ने जिला कलेक्टर तक से सम्पर्क किया लेकिन कोई बात नही बन पाई, लड़कियों का रुदन देखकर वँहा खड़े लोगो के आंखों में भी पानी आ गया ।

उनके रुदन को देखकर घर वालो के भी आंखों में आंसू आ गए । वँहा खड़े हर ज़िम्मेदार के आगे वे गिड़गिड़ाते रहे लेकिन वँहा खड़े ज़िम्मेदारो के कान पर जूं नही रेंगी और उन्हें दरवाज़े से हटाने लगे और उनसे कहा कि अब यहाँ से जाओ अब कुछ नही हो सकता वक़्त की अहमियत को ऐसे नही समझते लोग ।

और अंत मे लड़किया रोते हुए अपने घरों को लौट गई । परीक्षा सम्पन्न हो चुकी है कई जगह पेपर आउट होने की भी खबर आती रही और कई जगह हाई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके भी लोगो ने नकल करने का प्रयास किया ।