माता-पिता ने फौज में रहकर की देश सेवा, बेटी ने IAS अफसर बनकर दिखाया समाज की सेवा का जज्बा
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माता-पिता ने फौज में रहकर की देश सेवा, बेटी ने IAS अफसर बनकर दिखाया समाज की सेवा का जज्बा

नई दिल्ली। यूपीएससी परीक्षा को हर साल कई परीक्षार्थी देते हैं कुछ परीक्षार्थियों को सफलता पाने में लंबा समय लग जाता है तो कई परीक्षार्थी पहले ही प्रयास में परीक्षा को पास कर लेते हैं। इसके लिए वे कड़ी मेहनत करते हैं और सही स्ट्रेटजी के साथ परीक्षा की तैयारी भी करते हैं। इन्हीं में से एक हैं आईएएस ऑफिसर चंद्रज्योति सिंह। चंद्रज्योति सिंह आज कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुकी हैं। चंद्रज्योति ने भी यूपीएससी को पास करने के लिए कड़ी मेहनत की थी। महज 22 वर्ष की उम्र में चंद्रज्योति ने यूपीएससी परीक्षा को पास कर देश की सेवा करना का अपना सपना पूरा किया है। चंद्रज्योति ने परीक्षा को पास करने के लिए सही स्ट्रेटजी बनाई जिसके बाद ही उन्हें सफलता मिल पाई।

अलगअलग शहरों में हुई शुरुआती पढ़ाई

आज हम आपको चंद्रज्योति सिंह के बारे में बताने जा रहे हैं। चंद्रज्योति के माता-पिता दोनों ही आर्मी में रहकर देश की सेवा कर चुके हैं। ट्रांसफर के कारण उन्हें अलग अलग शहर में रहना पड़ता था। इसलिए चंद्रज्योति की शुरुआती पढ़ाई भी अलग अलग शहरों से ही हुई है। चंद्रज्योति बचपन से ही प्रशासनिक सेवाओं में जाना चाहती थी। चंद्रज्योति के माता-पिता भी उनका खूब साथ देते थे। 2018 में चंद्रज्योति ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल कर ली।

पहले प्रयास में हासिल की सफलता

स्नातक को पूरा करने के बाद चंद्रज्योति ने यूपीएससी की तैयारी करना शुरू कर दिया था। शुरुआत में तो चंद्रज्योति पढ़ाई को 6 से 8 घंटे ही देती थी लेकिन जब परीक्षा का समय पास आया तो वे 10 घंटे भी पढ़ती थी। चंद्रज्योति ने अपना सिलेबस दो भागों में बांट लिया था। सुबह वे जनरल स्टडीस पढ़ती थी और शाम में वैकल्पिक विषय पढ़ती थी। इसके बाद 2019 में चंद्रज्योति ने परीक्षा दी और वे पहले ही प्रयास में सफल हो गई। इस परीक्षा में चंद्रज्योति ने 28वीं रैंक हासिल की।

चंद्रज्योति ने बताया सफलता का राज

रिपोर्ट्स की माने तो चंद्रज्योति के अनुसार परीक्षार्थी को अपने नोट्स खुद ही बनाने चाहिए। इसी के साथ परीक्षार्थी को अपने अनुसार ही स्ट्रेटजी भी बनानी चाहिए ताकि परीक्षा की तैयारी अच्छे से हो सके। चंद्रज्योति अपनी तैयारी के समय में रोजाना 1 घंटा समाचार पत्र पढ़ती थी जिसे वे बेहद जरूरी मानती हैं। चंद्रज्योति के मुताबिक बनाए हुए नोट्स को अपने अनुसार समय मिलते ही बार बार रिवाइज़ करना भी जरूरी हैं।