बदल गया ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का नियम, DTO आफिस का नहीं लगाना होगा चक्कर, घर बैठे-बैठे होगा काम

बदल गया ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का नियम, DTO आफिस का नहीं लगाना होगा चक्कर, घर बैठे-बैठे होगा काम

Patna: DL बनवानें के लिए अब नहीं पड़ेगी आरटीओ जानें की जरूरत, पढ़ें क्या हैं नई गाईडलाइन : केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने और रिन्यू कराने के लिए नई गाईडलाइन जारी की दी है। इस नए नियम के तहत लर्नर के लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया यानी आवेदन से लेकर प्रिंटिंग तक अब ऑनलाइन की जाएगी। वहीं ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता भी अब एक वर्ष पहले समाप्त की जाएगी। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सर्टिफिकेट और दस्तावेजों का उपयोग मेडिकल सर्टिफिकेट, लर्नर्स लाइसेंस, सरेंडर ऑफ ड्राइवर्स लाइसेंस, डीएल के रिन्यूअल आदि के लिए किया जा सकता है।

जानकारी के लिए बता दें, इससे नए वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया में आसानी होगी। पंजीकरण प्रमाणपत्र का रिन्यूअल अब 60 दिन पहले किया जा सकेगा। जबकि अस्थायी पंजीकरण की समय सीमा को भी 1 महीने से बढ़ाकर 6 महीने तक कर दिया गया है। वहीं सरकार ने लर्नर लाइसेंस के लिए अब प्रक्रिया में बदलाव किए हैं, जिनके मुताबिक ट्यूटोरियल के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट अब ऑनलाइन किया जाएगा। यानी लाइसेंस के टेस्ट के लिए अब आरटीओ जानें की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।

ड्राइविंग पर ट्यूटोरियल में ट्रैफ़िक सिग्नल, ट्रैफ़िक सिग्नल और सड़क नियमों और रेगुलेशन की जानकारी होगी। इसमें ड्राइवर की सभी चीजों को शामिल किया जाएगा। जिनके चलते यह देखा जा सकेगा कि जब उसका वाहन किसी दुर्घटना में शामिल होता है, तो किसी व्यक्ति की मृत्यु या शारीरिक चोट या किसी तीसरे पक्ष की संपत्ति को कितना नुकसान होता है। लाइसेंस के लिए अप्लाई करने वाले आवेदक को टेस्ट में कम से कम 60 प्रतिशत प्रश्नों का सही उत्तर देना होगा। यह पास प्रतिशत मौजूदा मानदंडों से नहीं बदला गया है।

बता दें, मौजूदा मानदंडों में 15 प्रश्नों के सेट से कम से कम नौ प्रश्नों का सही उत्तर देने की आवश्य​कता होती है। ये 15 प्रश्न एक प्रश्नावली का हिस्सा हैं, जिसमें 150 प्रश्न हैं। इसके बाद आवेदक को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 30 दिनों के भीतर और लर्नर लाइसेंस जारी करने की तारीख से छह महीने के भीतर आवेदन करना होगा।

Source: Daily Bihar