Bihar: अस्पतालों से फरार हुए 119 कोरोना मरीज,इस जिलों में मचा हड़कंप…

बिहार में कोरोना वायरस की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। इस बीच भोजपुर से लापरवाही की एक बड़ी घटना सामने आई है। दरअसल, जिले में आइसोलेशन सेंटर से कोरोना मरीज लापता हो रहे हैं। जिले के आरा, पीरो और जगदीशपुर के तीन आइसोलेशन सेंटर से 119 मरीज लापता हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को जगदीशपुर के आइसोलेशन सेंटर में 26 में से तीन मरीजों को होम आइसोलेशन में भेज दिया गया था, जिसके बाद वहां पर 23 मरीज होने चाहिए थे, लेकिन फिर भी वहां पर केवल 20 मरीज ही मौजूद थे। बाकी के तीनों को ढूंढने में अब अस्पताल प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं।

पीरो में 12 और आरा में 59 मरीज

इसके अलावा पीरो में शुक्रवार को बारह मरीज थे, जबकि आरा के आइसोलेशन सेंटर में एक मरीज को डिस्चार्ज किए जाने के बाद वहां पर केवल 59 मरीज ही थे।

बता दें कि जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए प्रेस नोट में एक्टिव कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 213 बताई गई थी, जबकि उस दिन जिले के तीनों आइसोलेशन सेंटर में केवल 91 मौजूद थे और तीन को होम आइसोलेट कर दिया गया था। ऐसे में आइसोलेशन से 119 मरीज लापता हुए हैं, जिनकी पड़ताल अभी की जा रही है।

24 घंटे के अंदर लापता हुए 11 कोरोना मरीज

भोजपुर जिले में 24 घंटे के अंदर 11 कोरोना मरीज लापता हो गए, जिसकी जानकारी जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की तरफ से जारी किए गए प्रेस नोट से मिली है। प्रेस नोट में बताया गया कि गुरुवार तक जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 521 बताई गई और रिकवर हुए मरीजों की संख्या 344 बताई गई। जबकि शुक्रवार को 52 नए केस मिलने के बाद संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 561 ही बताई गई, जबकि कुल संख्या 573 होनी चाहिए। वहीं शुक्रवार को रिकवर हुए मरीजों की संख्या में केवल एक संख्या की बढ़ोत्तरी हुई यानी 345. ऐसे में 24 घंटे के अंदर 11 मरीज लापता हो गए।

संक्रमित मृतकों से संबंधित जानकारी भी छिपाई गई

मीडिया रिपोर्ट के मुताबकि, जिले में संक्रमित मृतकों से संबंधित जानकारी भी छिपाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट में बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी सूचना के मुताबिक लिखा गया है कि भोजपुर जिले में संक्रमित चार लोगों की मौत हो गई और जिला प्रशासन के प्रेस नोट में अभी भी यह संख्या तीन ही बताई जा रही है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि जिले के करीब दस लोगों की कोरोना के चलते मौत हो चुकी है।

बता दें कि इससे पहले भी कोरोना संबंधी आंकड़ों में हेरफेर हो चुका है। जिस वजह से अब तक 600 से ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। वहीं इसमें से दस लोगों की मौत हो गई है, लगभग आधा दर्जन गंभीर मरीजों को पटना रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के मुताबिक अब तक 70 प्रतिशत लोग स्वस्थ हो चुके हैं।

कोरोना से जुड़े आंकड़े और जानकारियां छिपाई जा रही!

संक्रमित मरीजों में से कई मरीज आइसोलेशन सेंटर में हैं तो कुछ होम आइसोलेट हैं। जिले में हर दिन नए मामले सामने आ रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यहां पर रिकवरी रेट और स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या दोनों अधिक है। लेकिन फिर भी ऐसा मालूम पड़ता है कि यहां पर कोरोना से जुड़े आंकड़े और जानकारियां छिपाई जा रही हैं।

गलत आंकड़ों की वजह से गड़बड़िया सामने आ रही

जिला जन संपर्क पदाधिकारी रश्मि चौधरी ने भी कोरोना संबंधित आंकड़ों में हुई हेरफेर को स्वीकारा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए गए गलत आंकड़ों की वजह से ये गड़बड़िया सामने आ रही हैं। उन्होंने इन गड़बड़ियों को जल्द ही सही करने की बात कही है।

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