पंजाब के शाहरुख खान ने धोनी से कही बड़ी बात’ मैं एक फिनि,शर ही नही अच्छा बल्लेबाज भी हु क्योंकि मुझे

पंजाब के शाहरुख खान ने धोनी से कही बड़ी बात’ मैं एक फिनि,शर ही नही अच्छा बल्लेबाज भी हु क्योंकि मुझे

मुंबई: आईपीएल 2021 में अपना दूसरा मैच खेलते हुए टीम को मुश्किल से निकालने वाले युवा बल्लेबाज शाहरुख खान की चर्चा हर जगह हो रही है. शाहरुख ने पंजाब को 26 रन पर 5 विकेट से बाहर निकालते हुए 36 गेंद में 47 रन की धमा,केदार पारी खेली और टीम को 106 रन के स्कोर तक पहुंचाया. गेल, राहुल जैसे धाकड़ खिलाड़ियों के टीम में होते हुए वो चेन्नई के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पंजाब के बल्लेबाज रहे.

शाहरुख खान अपनी धमा,केदार पारी के बल पर टीम को जीत तो नहीं दिला सके लेकिन इस छोटी सी पारी की बदौलत सुर्खियां और विश्वास बटोरने में जरूर सफल रहे. 25 वर्षाय बल्लेबाज ने मैच के बाद खुद को अच्छा बल्लेबाज बताते हुए कहा है कि भले ही कुछ सालों में उन्होंने खुद को बतौर फिनिशर तैयार किया है लेकिन उनके अंदर टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करने का हुनर और क्षमता है और वो टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने का माद्दा रखते हैं.


मैच के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए शाहरुख ने कहा, ये मेरा दूसरा मैच था और मैं आईपीएल में अभी नया हूं. घरेलू क्रिकेट की तुलना में ये थोड़ा अलग है. यहां मुझे बहुत सी चीजें सीखने को मिल रही हैं. हर सेशन में मैं अपने खेल में एक प्रतिशत सुधार कर रहा हूं. मैदान में जाकर वसीम जाफर और एंडी फ्लावर के साथ चर्चा कर रहा हूं. वो मेरी बल्लेबाजी में सुधार में मदद कर रहे हैं. आशा करता हू्ं कि आगे मैं और अच्छा करूंगा.

वानखेड़े की जिस पिच पर शुक्रवार का मुकाबला खेला गया उसके बारे में शाहरुख ने कहा, ये पिच थोड़ी धीमी थी. वो वैसी  नहीं थी जैसी मैं सालों से देखता आया हूं. यहां गेंद रुककर आ रही थी. मैंने नहीं सोचा था कि पिच ऐसा बर्ताव करेगी. जब मैं बल्लेबाजी करने गया था तब तक ओस का असर दिखने लगा था. गेंद बल्ले पर लगकर फिसल रही थी.मुश्किल वक्त में टीम के लिए अहम पारी खेलने के बारे में शाहरुख ने कहा, जब मैं बल्लेबाजी करने गया तब तक हमारी आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी, ऐसे में पिच पर थोड़ा वक्त गुजारकर उसका बर्ताव समझना चाहता था जिससे कि आखिरी के ओवरों में मुझे थोड़ी आसानी हो जाती.

मुझे लगता है कि अगर आखिरी की पांच गेंदे मैं और खेल पाता तो टीम के खाते में 20 रन और होते. मुझे लगता है कि उनका फर्क मैच पर पड़ता.उन्होंने आगे कहा, मुझे नहीं लगता है कि मेरी ब्रैंडिंग कम्पलीट फिनिशर के रूप में हुई है. मैं अच्छा बल्लेबाज हूं और तमिलनाडु के लिए कई साल ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी कर चुका हूं. इसलिए मेरे अंदर क्षमता है कि मैं मुश्किल वक्त में टीम को संभालकर बाहर निकाल सकूं. मैंने पिछले कुछ सालों में अपने खेल को बतौर फिनिशर डेवलप किया है लेकिन नॉर्मल क्रिकेट आज भी मेरे खेल के केंद्र में है.